ग्रुप से जुड़े

---Advertisement---

US-Iran War Impact: तेल के कुओं में लगी आग और विदेशी निवेशकों का मूड खराब! दो दिन में स्वाहा हुए ₹20,000 करोड़

On: April 5, 2026 6:43 PM
Follow Us:
शेयर बाजार में भारी गिरावट और जलते हुए तेल के कुएं
---Advertisement---

 मिडिल ईस्ट में छिड़े भीषण युद्ध ने अब वैश्विक अर्थव्यवस्था की नींव हिला दी है। इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बाद अब अमेरिका की सीधी एंट्री ने आग में घी का काम किया है। इस युद्ध का सबसे डरावना असर भारतीय शेयर बाजार और निवेशकों की जेब पर देखने को मिला है।

पिछले 48 घंटों के भीतर विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने भारतीय बाजार से अपना हाथ खींचना शुरू कर दिया है। आंकड़ों के मुताबिक, युद्ध की आहट और अनिश्चितता के चलते निवेशकों के लगभग ₹20,000 करोड़ पलक झपकते ही स्वाहा हो गए हैं।

तेल के कुओं में लगी आग और ग्लोबल हड़कंप

ईरान और कुवैत के सीमावर्ती इलाकों में स्थित तेल रिफाइनरियों और कुओं पर हुए ड्रोन हमलों ने पूरी दुनिया की धड़कनें बढ़ा दी हैं। आसमान में उठता काला धुआं इस बात का गवाह है कि आने वाले दिनों में कच्चे तेल (Crude Oil) की सप्लाई पूरी तरह ठप हो सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को ईरान ने पूरी तरह ब्लॉक कर दिया, तो कच्चे तेल की कीमतें $120 प्रति बैरल के पार जा सकती हैं। भारत जैसे देश के लिए, जो अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, यह स्थिति किसी आर्थिक सुनामी से कम नहीं है।

ये भी पढ़े: मार्च 2026 सेल्स रिपोर्ट: मारुति सुजुकी ने फिर गाड़ा झंडा! टाटा और महिंद्रा ने भी तोड़े पुराने रिकॉर्ड, क्या आपने देखी ये लिस्ट?

विदेशी निवेशकों का पलायन और मार्केट क्रैश

विदेशी निवेशकों (FIIs) के बीच इस समय डर का माहौल है। युद्ध की स्थिति में सुरक्षित निवेश के लिए निवेशक अब भारतीय इक्विटी मार्केट से पैसा निकालकर ‘गोल्ड’ (Gold) और ‘यूएस डॉलर’ में लगा रहे हैं। इसी बिकवाली का नतीजा है कि सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार गिरावट देखी जा रही है।

बाजार के जानकारों का कहना है कि सिर्फ दो दिनों में जिस तरह से ₹20,000 करोड़ की पूंजी बाजार से बाहर गई है, वह छोटे निवेशकों के लिए खतरे की घंटी है। बैंकिंग, ऑटो और आईटी सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिल रही है, जिससे पोर्टफोलियो लाल निशान में सिमट गए हैं।

आम आदमी की जेब पर सीधा प्रहार

इस युद्ध का असर सिर्फ शेयर बाजार तक सीमित नहीं रहने वाला है। अगर कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम ₹200 से ₹250 प्रति लीटर तक पहुँच सकते हैं। तेल महंगा होने का सीधा मतलब है माल ढुलाई महंगी होना, जिससे फल, सब्जियां और रोज़मर्रा की ज़रूरत का सामान महंगा हो जाएगा।

सोमवार को जब बाजार खुलेगा, तो सबकी निगाहें इसी बात पर होंगी कि क्या सरकार और आरबीआई (RBI) बाजार को संभालने के लिए कोई ठोस कदम उठाते हैं। फिलहाल, मिडिल ईस्ट से आ रही खबरें केवल बर्बादी और आर्थिक मंदी की ओर इशारा कर रही हैं

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Healthy food plate with protein and green tea for reducing belly fat without gym naturally at home

बिना जिम जाए पेट की लटकती चर्बी को तेजी से कम करेंगी ये 5 आसान आदतें, आज से ही डाइट में शामिल करें ये खास चीजें!

Instant bread chamcham sweet recipe prepared in 15 minutes for guests

घर पर अचानक आ गए हैं मेहमान और मीठे में कुछ नहीं है? सिर्फ 15 मिनट में झटपट बनाएं यह हलवाई जैसी लाजवाब मिठाई!

खड़े होकर पानी पीने के नुकसान और घुटनों का दर्द

भयानक नुकसान; खड़े होकर पानी पीने वाले लोग सावधान क्योंकि रीढ़ की हड्डी और घुटने हो सकते हैं पूरी तरह से खराब!

आँखों की रोशनी बढ़ाने और चश्मा हटाने के आसान घरेलू उपाय

चश्मे का नंबर हो जाएगा कम, आंखों की रोशनी को बुलेट जैसी तेज बनाने के लिए रोज सुबह करें ये 2 आसान काम!

भारत में सबसे सस्ती पुरानी कारें और उनकी कीमत

भारी गिरावट; कौड़ियों के दाम मिल रही हैं ये शानदार माइलेज वाली पुरानी कारें, खरीदने से पहले यहाँ देखें पूरी लिस्ट!

भारत में अप्रैल से जून 2026 के बीच लॉन्च होने वाले टॉप इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की लिस्ट।

पेट्रोल का झंझट खत्म! अगले 90 दिनों में आ रहे हैं ये 5 धाकड़ इलेक्ट्रिक स्कूटर्स, कम बजट में मिलेगी जबरदस्त रेंज और फीचर्स