जल ही जीवन है और स्वस्थ रहने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पानी पीने की मात्रा जितनी महत्वपूर्ण है, उससे कहीं ज्यादा जरूरी पानी पीने का सही तरीका है। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर इतने व्यस्त होते हैं कि फ्रिज से बोतल निकालते हैं और खड़े-खड़े ही पानी पीना शुरू कर देते हैं।
आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान दोनों ही खड़े होकर पानी पीने की इस आदत को सेहत के लिए बेहद खतरनाक मानते हैं। हमारी इस एक छोटी सी लापरवाही का खामियाजा हमारे पूरे शरीर को भुगतना पड़ता है। अगर आप भी लगातार खड़े होकर पानी पी रहे हैं, तो सावधान हो जाइए क्योंकि यह आदत आपके शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को अंदर से खोखला कर रही है।
घुटनों और जोड़ों के दर्द का सबसे बड़ा कारण
जब हम खड़े होकर पानी पीते हैं, तो पानी बिना रुके बहुत तेजी से एक तेज धार के रूप में भोजन नली (Food Pipe) के जरिए सीधे पेट के निचले हिस्से में गिरता है। इस तेज बहाव के कारण शरीर के जोड़ों में मौजूद तरल पदार्थों (Synovial Fluid) का संतुलन पूरी तरह बिगड़ जाता है। यह फ्लूइड हमारे जोड़ों को सुचारू रूप से चलाने के लिए ग्रीस का काम करता है।
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जैसे ही इस तरल पदार्थ का संतुलन बिगड़ता है, हड्डियों के जोड़ों में आपस में रगड़ शुरू हो जाती है। इसके परिणामस्वरूप बहुत ही कम उम्र में लोगों को घुटनों में भयंकर दर्द, गठिया (Arthritis) और सूजन की समस्या होने लगती है। सबसे परेशान करने वाली बात यह है कि खड़े होकर पानी पीने से होने वाले घुटनों के दर्द को दवाइयों से भी ठीक करना बेहद मुश्किल होता है।
रीढ़ की हड्डी और नर्वस सिस्टम पर पड़ता है बुरा प्रभाव
खड़े होकर पानी पीने से हमारा पूरा तंत्रिका तंत्र (Nervous System) तनाव की स्थिति में आ जाता है। जब शरीर अचानक से बहुत तेजी से आ रहे पानी को संभालता है, तो रीढ़ की हड्डी पर इसका सीधा और गहरा दबाव पड़ता है। इसके कारण रीढ़ की हड्डी की नसें कमज़ोर होने लगती हैं और पीठ दर्द की समस्या शुरू हो जाती है।
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इसके अलावा, जब पानी बहुत तेज गति से पेट में जाता है, तो पेट की अंदरूनी दीवारों और आस-पास के अंगों को झटका लगता है। इससे पाचन क्रिया पूरी तरह से ठप हो जाती है। पानी का यह तेज बहाव पेट के एसिड्स को असंतुलित कर देता है, जिससे सीने में जलन, गैस और अपच जैसी समस्याएं रोज़ की बात बन जाती हैं।
किडनी की कार्यक्षमता को पहुँचता है भारी नुकसान
हमारी किडनी का मुख्य काम खून को छानना और शरीर से हानिकारक कचरे को पानी के रास्ते बाहर निकालना है। जब हम खड़े होकर पानी पीते हैं, तो पानी बिना छने ही बहुत तेजी से सीधे गुर्दे (Kidney) और मूत्राशय के माध्यम से बाहर निकल जाता है। तेज रफ्तार के कारण किडनी को पानी को अच्छी तरह से फ़िल्टर करने का समय ही नहीं मिल पाता।
इसके कारण पानी में मौजूद हानिकारक टॉक्सिंस और अशुद्धियां पूरी तरह साफ़ नहीं हो पातीं और वे किडनी या मूत्र मार्ग में ही जमा होने लगती हैं। लंबे समय तक ऐसा होने से किडनी में इन्फेक्शन, सूजन और यूरीनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए हमेशा बैठकर और घूंट-घूंट करके पानी पीना ही सबसे सुरक्षित तरीका है।





