नई दिल्ली (मौसम डेस्क): मार्च का महीना अभी आधा भी नहीं बीता है और उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में सूरज ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज एक इमरजेंसी बुलेटिन जारी करते हुए देश के 8 से ज्यादा राज्यों में भीषण ‘हीट वेव’ यानी लू चलने की चेतावनी दी है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटों में तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की भारी बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जो सामान्य से काफी अधिक है।
किन राज्यों में बरपेगा कुदरत का कहर?
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और दिल्ली-NCR में भी लू के थपेड़े लोगों को बेहाल करेंगे। कुछ शहरों में पारा 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की आशंका है। दक्षिण भारत के राज्यों, विशेषकर आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी गर्मी का प्रचंड रूप देखने को मिल रहा है।
IMD की वो चेतावनी जिसे हल्के में न लें
IMD ने अपनी चेतावनी में स्पष्ट किया है कि इस बार की गर्मी ‘साइलेंट किलर’ साबित हो सकती है। अचानक बढ़ते तापमान के कारण ‘हीट स्ट्रोक’ (लू लगना) का खतरा बढ़ गया है। विभाग ने दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को घर से बाहर न निकलने की सख्त सलाह दी है। अगर बहुत जरूरी हो, तभी बाहर निकलें और अपने शरीर को पूरी तरह ढक कर रखें।
ये भी पढ़ें: रोजाना दूध पीने से शरीर में क्या होता है? जान लीजिए दूध पीने का सही समय और वो 3 गलतियां जो इसे बना देती हैं ‘जहर’!
शरीर के अंदर होने वाली वो ‘खतरनाक हलचल’
जब तापमान अचानक बढ़ता है और गर्म हवाएं चलती हैं, तो हमारे शरीर का ‘कूलिंग सिस्टम’ फेल होने लगता है। ज्यादा पसीना निकलने के कारण शरीर में पानी और नमक की भारी कमी हो जाती है, जिसे मेडिकल भाषा में ‘डिहाइड्रेशन’ कहते हैं। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह बेहोशी, चक्कर आना और अंगों के फेल होने का कारण भी बन सकता है।
बचाव के वो 3 अचूक उपाय जो आपकी जान बचाएंगे:
- पानी का सही चुनाव: प्यास न लगने पर भी हर आधे घंटे में पानी पिएं। ओआरएस (ORS), नींबू पानी, और नारियल पानी का सेवन शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित रखता है।
- सही पहनावा: बाहर निकलते समय हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। गहरे रंग के कपड़े गर्मी को सोखते हैं, जिससे शरीर का तापमान और बढ़ जाता है।
- खान-पान में बदलाव: तला-भुना और मसालेदार खाना खाने से बचें। तरबूज, खीरा, और ककड़ी जैसे मौसमी फल खाएं जो शरीर को अंदर से ठंडा रखते हैं।
निष्कर्ष
प्रकृति के बदलते मिजाज को देखते हुए सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। मौसम विभाग की इस चेतावनी को गंभीरता से लें और अपने परिवार को सुरक्षित रखें।





