हम में से ज़्यादातर लोग सुबह उठते ही चाय या कॉफी पी लेते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि सुबह खाली पेट क्या खाया जाता है, वही तय करता है कि दिनभर शरीर फैट स्टोर करेगा या फैट जलाएगा। हाल के वर्षों में डॉक्टरों और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स का ध्यान एक ऐसी साधारण चीज पर गया है, जो रसोई में आसानी से मिल जाती है और सही तरीके से लेने पर शरीर का मेटाबॉलिज्म एक्टिव कर देती है।
यह चीज है गुनगुना पानी और उसमें मिला हुआ नींबू (कुछ मामलों में शहद के साथ) हैं। सुनने में साधारण लगता है, लेकिन इसके असर शरीर के अंदर काफी गहरे होते हैं।
शरीर फैट कैसे जलाता है, यह समझना जरूरी है
शरीर फैट तब जलाता है जब मेटाबॉलिज्म तेज होता है और इंसुलिन लेवल कंट्रोल में रहता है। रातभर सोने के बाद शरीर एक तरह से “रीसेट मोड” में होता है। सुबह खाली पेट अगर सही चीज दी जाए, तो शरीर को संकेत मिलता है कि अब एनर्जी बनाने के लिए जमा फैट का इस्तेमाल किया जाए।
यहीं पर गुनगुना पानी और नींबू का रोल शुरू होता है। यह संयोजन पाचन तंत्र को जगाता है और लिवर को एक्टिव करता है, जो फैट मेटाबॉलिज्म में सबसे अहम भूमिका निभाता है।
गुनगुना पानी शरीर में क्या करता है
सुबह उठते ही ठंडा या बहुत गरम पानी पीने की बजाय गुनगुना पानी लेने से शरीर को झटका नहीं लगता। यह धीरे-धीरे आंतों को एक्टिव करता है और जमी हुई गंदगी को बाहर निकालने में मदद करता है। जब पाचन तंत्र साफ और एक्टिव होता है, तो फैट बर्न करने की प्रक्रिया अपने आप बेहतर हो जाती है।
डॉक्टरों का मानना है कि जो लोग रोज सुबह गुनगुना पानी पीते हैं, उनमें ब्लोटिंग और पेट की सूजन कम देखी जाती है, जिससे वजन भी कम नजर आने लगता है।
नींबू का असर सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं है
नींबू में मौजूद विटामिन C सिर्फ इम्यूनिटी ही नहीं बढ़ाता, बल्कि फैट ऑक्सिडेशन में भी मदद करता है। आसान भाषा में कहें तो नींबू शरीर को यह सिखाता है कि फैट को कैसे तोड़कर एनर्जी में बदला जाए।
कुछ स्टडीज में यह देखा गया है कि जिन लोगों के शरीर में विटामिन C का स्तर सही रहता है, उनका शरीर एक्सरसाइज के दौरान ज्यादा फैट बर्न करता है, उन लोगों की तुलना में, जिनमें इसकी कमी होती है
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शहद मिलाने से असर कैसे बदल जाता है
अगर गुनगुने पानी और नींबू में थोड़ा सा शहद मिला दिया जाए, तो यह मिश्रण और ज्यादा असरदार हो जाता है। शहद शरीर को तुरंत एनर्जी देता है, जिससे सुबह कमजोरी या चक्कर जैसा महसूस नहीं होता। साथ ही यह मीठा स्वाद इंसुलिन स्पाइक को बहुत ज्यादा नहीं बढ़ाता, जिससे फैट बर्न की प्रक्रिया बाधित नहीं होती।
हालांकि जिन लोगों को शुगर की समस्या है, उन्हें शहद डालने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
डॉक्टर क्यों हो जाते हैं हैरान
कई डॉक्टरों का अनुभव है कि जो लोग दवाइयों के बिना, सिर्फ सुबह की इस आदत को नियमित रूप से अपनाते हैं, उनमें धीरे-धीरे वजन कम होने लगता है, कमर की चर्बी घटने लगती है और पाचन भी सुधर जाता है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह होती है कि इन लोगों ने कोई बहुत सख्त डाइट या भारी एक्सरसाइज शुरू नहीं की होती। सिर्फ सुबह का सही स्टार्ट शरीर को बाकी दिन के लिए सही दिशा दे देता है।
यह उपाय किन लोगों के लिए ज्यादा फायदेमंद है
जो लोग
– पेट की चर्बी से परेशान हैं
– बार-बार कब्ज या गैस की समस्या होती है
– सुबह उठते ही सुस्ती महसूस करते हैं
– वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन नतीजा नहीं मिल रहा
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उनके लिए यह आदत खासतौर पर फायदेमंद मानी जाती है।
सही तरीका क्या हैं
सुबह उठते ही सबसे पहले एक गिलास गुनगुना पानी लें।
इसमें आधा नींबू निचोड़ें।
अगर चाहें तो आधा या एक चम्मच शहद मिला सकते हैं।
इसे धीरे-धीरे पिएं और इसके बाद कम से कम 20–30 मिनट तक कुछ न खाएं।
नियमितता सबसे जरूरी है। एक-दो दिन में चमत्कार की उम्मीद न करें, लेकिन कुछ हफ्तों में शरीर के संकेत साफ नजर आने लगते हैं।
किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए
जिन्हें पेट में जलन, अल्सर या बहुत ज्यादा एसिडिटी की समस्या रहती है, उन्हें नींबू की मात्रा कम रखनी चाहिए। बहुत ज्यादा खट्टा लेना नुकसानदायक हो सकता है। गर्भवती महिलाएं या किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोग इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।





