संयुक्त राज्य अमेरिका इस समय प्रकृति के भीषण प्रकोप का सामना कर रहा है। फरवरी 2026 के इस आखिरी हफ्ते में आए एक “विनाशकारी बर्फानी तूफान” ने पूरे उत्तर-पूर्वी अमेरिका की रफ्तार थाम दी है। न्यूयॉर्क, बोस्टन और फिलाडेल्फिया जैसे बड़े शहर सफेद चादर में लिपटे नजर आ रहे हैं। इस तूफान की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक 11,000 से अधिक उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं और करीब 5 लाख घरों की बिजली गुल है।
न्यूयॉर्क में टूटा 150 साल का रिकॉर्ड
मौसम विभाग (NWS) के आंकड़ों के अनुसार, न्यूयॉर्क सिटी के सेंट्रल पार्क में पिछले 24 घंटों में 20 इंच से अधिक बर्फ दर्ज की गई है। शहर के कुछ हिस्सों और लॉन्ग आइलैंड में तो बर्फ की मोटाई 3 फीट (करीब 37 इंच) तक पहुँच गई है। जानकारों का कहना है कि यह 1869 के बाद से फरवरी महीने में होने वाली सबसे भीषण बर्फबारी में से एक है। न्यूयॉर्क के मेयर ने शहर में ‘ट्रैवल बैन’ (यात्रा प्रतिबंध) लागू कर दिया है और लोगों से घरों के अंदर रहने की अपील की है।
हवाई सेवा पूरी तरह ठप: 11,000 उड़ानें रद्द
इस ‘बम साइक्लोन’ ने विमानन क्षेत्र को सबसे करारा झटका दिया है।
- एयरपोर्ट्स का हाल: न्यूयॉर्क के जेएफके , ला गार्डिया और नेवार्क एयरपोर्ट्स पर विजिबिलिटी शून्य होने के कारण रनवे बंद कर दिए गए हैं।
- यात्री परेशान: ला गार्डिया एयरपोर्ट पर कल 98% उड़ानें रद्द रहीं। दुनिया भर से अमेरिका आने वाली फ्लाइट्स को अन्य शहरों की ओर डायवर्ट किया जा रहा है।
- भारत पर असर: दिल्ली और मुंबई से न्यूयॉर्क जाने वाली एयर इंडिया की उड़ानों पर भी इसका असर पड़ा है। कई यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट्स न मिलने के कारण एयरपोर्ट्स पर ही रात गुजारनी पड़ रही है।
अंधेरे में डूबे 5 लाख घर: बिजली संकट
तेज़ बर्फीली हवाओं (70 मील प्रति घंटे की रफ्तार) और भारी बर्फ के वजन के कारण बिजली की लाइनें टूट गई हैं। मैसाचुसेट्स, कनेक्टिकट और न्यूयॉर्क राज्यों में करीब 5 लाख घर और व्यवसाय अंधेरे में डूबे हुए हैं। कड़ाके की ठंड और माइनस डिग्री तापमान के बीच बिजली न होने से हीटिंग सिस्टम फेल हो गए हैं, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। प्रशासन ने ‘वार्मिंग शेल्टर’ खोले हैं जहाँ लोग सुरक्षित शरण ले सकते हैं।
ब्लैक आइस और कल के मौसम का पूर्वानुमान (Weather Tomorrow)
आज (बुधवार, 25 फरवरी) एक नया ‘क्लिपर सिस्टम’ दस्तक दे रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भले ही मुख्य तूफान गुजर गया हो, लेकिन कल का मौसम और भी खतरनाक हो सकता है।
- ब्लैक आइस (Black Ice): पिघली हुई बर्फ रात में दोबारा जमने से सड़कों पर ‘ब्लैक आइस’ बन गई है, जो कांच की तरह पारदर्शी और बेहद फिसलन भरी होती है।
- नई चेतावनी: अगले 24 घंटों में 1 से 3 इंच और बर्फ गिरने का अनुमान है। तापमान शून्य से 10-15 डिग्री नीचे जा सकता है।
प्रशासन का एक्शन: ‘स्टेट ऑफ इमरजेंसी’
न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने राज्य में आपातकाल (State of Emergency) घोषित कर दिया है। नेशनल गार्ड को राहत और बचाव कार्य के लिए तैनात किया गया है। ‘डार्थ वेडर’ जैसी विशाल स्नो-रिमूवल मशीनों के जरिए सड़कों से बर्फ हटाने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है, लेकिन लगातार गिर रही बर्फ काम में बाधा डाल रही है। कई जगहों पर नेशनल हाईवे (I-95) को सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया है।
यात्रियों के लिए सलाह (Travel Advisory)
अगर आप या आपका कोई परिचित अमेरिका की यात्रा करने वाला है, तो इन बातों का ध्यान रखें:
- अपनी एयरलाइन की वेबसाइट या ऐप पर Flight Status लगातार चेक करते रहें।
- ज़्यादातर एयरलाइंस ने ‘वेवर पॉलिसी’ (Waiver Policy) लागू की है, जिसके तहत आप बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के टिकट री-बुक कर सकते हैं।
- सड़कों पर गाड़ी चलाने से बचें, क्योंकि सड़कों पर जमी बर्फ जानलेवा साबित हो सकती है।
निष्कर्ष:
अमेरिका में आया यह बर्फीला तूफान जलवायु परिवर्तन की बढ़ती चुनौतियों की ओर इशारा कर रहा है। Soch Vimarsh आपको सलाह देता है कि इस प्राकृतिक आपदा के समय सुरक्षा नियमों का पालन करें। ताज़ा वेदर अपडेट्स और इंटरनेशनल न्यूज़ के लिए हमारी वेबसाइट के साथ जुड़े रहें।





