उत्तर भारत में पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं का असर अब राजस्थान में साफ दिखने लगा है। कई जिलों में तापमान तेजी से गिरा है और इस सीजन में पहली बार पारा 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया। शनिवार सुबह शेखावाटी के फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री रिकॉर्ड हुआ, जो इस मौसम का अब तक का सबसे कम तापमान है। ठंड बढ़ने के साथ कई जगह शीतलहर की स्थिति भी बन गई है।
राज्य के सीकर, अलवर, फतेहपुर, टोंक और झुंझुनूं सहित कई अन्य शहरों में रात और दिन के तापमान में अचानक गिरावट आई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर दिशा से आ रही तेज़ ठंडी हवाएँ आगामी दिनों में सर्दी को और बढ़ा सकती हैं तथा शीतलहर का दायरा भी बढ़ने की संभावना है।
कई जिलों में शीतलहर का असर
सीकर, झुंझुनूं और टोंक में शीतलहर का प्रकोप जारी है। फतेहपुर में 4.8 डिग्री के अलावा नागौर में तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस तक गिरा। बीकानेर, दौसा, सिरोही, चूरू, करौली, अलवर और बारां सहित कई जिलों में सुबह के समय ठंड का असर बेहद तीखा रहा।
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राज्य के शहरों में तापमान का हाल
प्रदेश के बाकी शहरों में भी तापमान सामान्य से काफी नीचे रहा।
अजमेर में 10.5°C, भीलवाड़ा 11.6°C, वनस्थली 8.3°C, जयपुर 12.6°C और पिलानी 9.5°C दर्ज किया गया।
जैसलमेर का न्यूनतम तापमान 13°C, जोधपुर 11.1°C, बाड़मेर 15.7°C और फलोदी 16°C तक रहा।
चित्तौड़गढ़ 11°C, श्रीगंगानगर 10.6°C, जालोर 10.1°C और सिरोही 8°C रिकॉर्ड किया गया।
कुछ इलाकों में तापमान सामान्य से 5-7 डिग्री कम रहा, जिससे सुबह और रात की ठंड और बढ़ गई।
महीने के अंत में बारिश के आसार
मौसम विभाग ने 21 से 27 नवंबर के बीच प्रदेश में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई है। यदि बारिश होती है, तो तापमान में और गिरावट आ सकती है जिससे ठंड का दौर और तेज होने की आशंका है।
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सोर्स: जागरण





