इस्लामाबाद: हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान में आजकल बड़ी उथल-पुथल मची हुई है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की हाल ही में जेल से रिहाई हुई है। उनकी रिहाई से सड़कों पर चल रहे बड़े-बड़े प्रदर्शन तो रुक गए हैं, लेकिन राजनीति का संकट अभी भी खत्म नहीं हुआ है।
ताज़ा खबर यह है कि वहाँ की सेना बहुत नाराज है। सेना ने पाकिस्तान के सभी बड़े नेताओं और राजनीतिक पार्टियों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है।
देश खतरे में क्यों है?
पिछले कुछ हफ्तों से इमरान खान के केस और उनकी गिरफ्तारी के चलते पाकिस्तान में बहुत अफ़रा-तफ़री मची हुई थी। देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से डूब रही है।
ऐसे मुश्किल समय में, सेना के बड़े अधिकारियों ने नेताओं से साफ़ कह दिया है कि अगर उन्होंने अपनी आपसी लड़ाई तुरंत खत्म नहीं की और देश को एक मज़बूत सरकार नहीं दी, तो सेना को कठिन कदम उठाने पड़ेंगे। राजनीतिक पंडित इसे ‘इमरजेंसी’ की तैयारी मान रहे हैं।
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इमरान खान की रिहाई ने क्या किया?
इमरान खान को जब कोर्ट ने रिहा किया, तो देश भर में उनके समर्थकों ने जो जबरदस्त हंगामा शुरू किया था, वह तुरंत शांत हो गया। इससे देश में बड़ा ख़ून-ख़राबा होने का खतरा टल गया। हालांकि, इमरान खान के जेल से बाहर आने के बाद भी, सत्ताधारी पार्टी और विपक्षी पार्टी के बीच नफरत कम नहीं हुई है।
सेना की आखिरी चेतावनी
सेना ने नेताओं को साफ़ संदेश दिया है कि देश की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था उनकी पहली प्राथमिकता है। सेना ने कहा है कि अगर नेता आपस में समझौता नहीं करते हैं, तो वे चुप नहीं बैठेंगे।
अब सबकी नज़र नेताओं पर है कि वे सेना की यह चेतावनी सुनने के बाद क्या फैसला लेते हैं। हम इस खबर पर अपनी नज़र बनाए रखेंगे।
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