नई दिल्ली: बुढ़ापे में हर इंसान की एक ही इच्छा होती है कि वह अपने आराध्य के दर्शन कर सके और देश के पवित्र तीर्थ स्थलों की यात्रा कर पुण्य कमा सके। लेकिन कई बार आर्थिक तंगी या अकेलेपन के कारण बुजुर्गों का यह सपना अधूरा रह जाता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ की शुरुआत की है। इस योजना के तहत अब देश के वरिष्ठ नागरिकों को अपनी जेब से एक भी रुपया खर्च करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उनके रहने, खाने और आने-जाने का पूरा खर्च सरकार उठाएगी।
यह योजना उन बुजुर्गों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जो वैष्णो देवी, द्वारकाधीश, जगन्नाथ पुरी या रामेश्वरम जैसे पावन धामों के दर्शन करना चाहते हैं। सरकार का लक्ष्य है कि समाज के हर वर्ग का बुजुर्ग, चाहे वह अमीर हो या गरीब, सम्मान के साथ भगवान के द्वार तक पहुँच सके। आइए जानते हैं इस योजना की पूरी सच्चाई और आप इसमें अपना या अपने माता-पिता का नाम कैसे दर्ज करा सकते हैं।
क्या है मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना और इसके फायदे?
मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना एक ऐसी पहल है जिसमें सरकार वरिष्ठ नागरिकों को पूरी तरह ‘फ्री’ (Free) यात्रा कराती है। इसमें यात्रा के दौरान मिलने वाली सुविधाएं किसी वीआईपी टूर से कम नहीं होतीं। यात्रियों को वातानुकूलित (AC) ट्रेनों में ले जाया जाता है और उनके ठहरने के लिए अच्छे होटलों का इंतजाम किया जाता है। इतना ही नहीं, सुबह की चाय से लेकर रात के खाने तक की जिम्मेदारी सरकार की होती है।
योजना की सबसे खास बात यह है कि अगर बुजुर्ग की उम्र 70 वर्ष से अधिक है, तो वह अपने साथ एक ‘अटेंडेंट’ (सहायक) भी ले जा सकते हैं। इस सहायक का पूरा खर्चा भी सरकार ही उठाती है। इसका मतलब है कि आपको रास्ते में किसी भी परेशानी की चिंता करने की ज़रूरत नहीं है, बस आपको अपनी श्रद्धा लेकर भगवान के द्वार पहुँच जाना है।
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कौन-कौन से तीर्थ स्थलों की हो सकती है यात्रा?
इस योजना के तहत सरकार ने देश के लगभग सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों को कवर किया है। आप अपनी पसंद के अनुसार रूट चुन सकते हैं। लोकप्रिय रूटों में दिल्ली से अयोध्या, मथुरा-वृंदावन, हरिद्वार-ऋषिकेश, और अजमेर शरीफ जैसे स्थान शामिल हैं। इसके अलावा दक्षिण भारत के रामेश्वरम और तिरुपति बालाजी के लिए भी विशेष ट्रेनें चलाई जाती हैं। हर यात्रा के लिए सरकार एक विस्तृत शेड्यूल जारी करती है जिसे आधिकारिक पोर्टल पर देखा जा सकता है।
योजना की पात्रता और जरूरी शर्तें
इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ बुनियादी नियमों का पालन करना अनिवार्य है। सबसे पहली शर्त यह है कि आवेदक की आयु 60 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। इसके साथ ही, आवेदक उस राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए जहाँ की सरकार यह योजना चला रही है (जैसे दिल्ली, मध्य प्रदेश या राजस्थान)। एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि आवेदक ने पहले कभी इस सरकारी योजना का लाभ न लिया हो, क्योंकि यह सुविधा जीवन में केवल एक बार ही मिलती है। आवेदक की सालाना आय का भी एक मापदंड होता है, जो अलग-अलग राज्यों में ₹3 लाख से ₹5 लाख के बीच हो सकता है।
रजिस्ट्रेशन के लिए किन दस्तावेजों की होगी जरूरत?
जब आप आवेदन करने बैठें, तो अपने पास कुछ जरूरी कागजात जरूर रखें। सबसे पहले आपके पास आधार कार्ड होना चाहिए जिससे आपकी पहचान और पते की पुष्टि हो सके। आयु प्रमाण पत्र के रूप में आप जन्म प्रमाण पत्र या वोटर आईडी कार्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा एक स्व-घोषणा पत्र (Self-Declaration) देना होता है जिसमें आप यह बताते हैं कि आप शारीरिक रूप से यात्रा करने के लिए फिट हैं। आपके पास बैंक पासबुक की फोटोकॉपी और पासपोर्ट साइज फोटो भी होनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी वेरिफिकेशन में दिक्कत न आए।
कैसे करें घर बैठे आवेदन? स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया बहुत ही सरल और पारदर्शी है। सबसे पहले आपको अपने राज्य के आधिकारिक ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल (edistrict.delhigovt.nic.in) पर जाना होगा। वहां ‘Revenue Department’ के सेक्शन में आपको तीर्थ यात्रा योजना का विकल्प दिखाई देगा।
आपको अपना नाम, आधार नंबर और मोबाइल नंबर डालकर रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद आपको अपनी पसंद का तीर्थ स्थल चुनना होगा। फॉर्म भरने के बाद उसे सबमिट कर दें और उसका प्रिंटआउट निकालकर रख लें। कुछ दिनों बाद आपके दस्तावेजों की जांच होगी और यदि सब कुछ सही रहा, तो आपको यात्रा की तारीख और ट्रेन की जानकारी एसएमएस (SMS) के जरिए दे दी जाएगी।
सावधान: एजेंटों के चक्कर में न पड़ें!
सोचविमर्श आपको यह स्पष्ट करना चाहता है कि यह सरकारी योजना पूरी तरह से मुफ्त है। कई बार कुछ लोग बुजुर्गों को गुमराह करके फॉर्म भरवाने के नाम पर पैसे की मांग करते हैं। कृपया ऐसे किसी भी व्यक्ति को पैसे न दें। अगर आपको ऑनलाइन फॉर्म भरने में दिक्कत आ रही है, तो आप अपने नजदीकी MLA ऑफिस (विधायक कार्यालय) या CSC सेंटर पर जाकर फ्री में मदद ले सकते हैं।
यह योजना बुजुर्गों के सम्मान और उनकी आस्था को सहेजने का एक बेहतरीन जरिया है। अगर आपके घर में या पड़ोस में कोई ऐसे बुजुर्ग हैं जो आर्थिक कारणों से तीर्थ यात्रा नहीं कर पा रहे हैं, तो उनकी मदद करें और उनका रजिस्ट्रेशन करवाएं। दुआओं के साथ-साथ आपको आत्मिक शांति भी मिलेगी।





