लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज, 18 फरवरी 2026 की शाम को कुदरत का मिजाज अचानक बदल गया है। दोपहर तक खिली धूप के बाद अब शाम होते-होते आसमान में घने काले बादलों ने डेरा डाल लिया है। मौसम विभाग (IMD) ने अभी-अभी एक ‘नाउकास्ट’ (Nowcast) बुलेटिन जारी किया है, जिसमें चेतावनी दी गई है कि अगले 30 से 60 मिनट के भीतर लखनऊ और इसके आसपास के इलाकों में धूल भरी आंधी के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो सकती है।
मौसम विभाग की ताज़ा चेतावनी: ‘नाउकास्ट’ अलर्ट का मतलब
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने लखनऊ के अमौसी केंद्र से जारी रिपोर्ट में बताया है कि शहर के ऊपर बादलों का एक बड़ा पैच सक्रिय हो गया है। ‘नाउकास्ट’ अलर्ट का मतलब होता है कि अगले कुछ ही घंटों में मौसम में गंभीर बदलाव आने वाला है। विभाग के अनुसार, लखनऊ के गोमती नगर, हजरतगंज, आलमबाग, चारबाग, इंदिरानगर और कृष्णानगर जैसे प्रमुख इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश की पूरी संभावना है। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि यदि बहुत ज़रूरी न हो, तो अगले एक घंटे तक खुले आसमान के नीचे जाने से बचें।
क्यों बदला अचानक मौसम का मिजाज?
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बदलाव के पीछे मुख्य कारण एक तीव्र पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) है, जो इस समय उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से होकर गुजर रहा है। इसके साथ ही, बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी वाली हवाओं ने उत्तर प्रदेश के मध्य हिस्सों में कम दबाव का क्षेत्र बना दिया है। यही वजह है कि फरवरी के महीने में भी मानसून जैसी स्थिति पैदा हो गई है। लखनऊ ही नहीं, बल्कि बाराबंकी, उन्नाव, कानपुर और रायबरेली में भी बादलों की आवाजाही तेज़ हो गई है।
आम जनजीवन पर असर: ट्रैफिक और बिजली सेवा
अचानक छाए अंधेरे और संभावित बारिश ने दफ्तर से घर लौट रहे लोगों की चिंता बढ़ा दी है। शाम के समय लखनऊ की सड़कों पर भारी ट्रैफिक रहता है, और बारिश शुरू होने से हजरतगंज और पॉलिटेक्निक चौराहे जैसे व्यस्त इलाकों में जाम की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा, तेज़ हवाओं के कारण बिजली के तारों पर पेड़ गिरने की आशंका को देखते हुए लेसा (LESA) ने कई उपकेंद्रों को अलर्ट पर रखा है। कुछ संवेदनशील इलाकों में एहतियातन बिजली काटी भी जा सकती है ताकि शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाओं से बचा जा सके।
किसानों के लिए चिंता का विषय
यह बेमौसम बारिश शहरवासियों के लिए तो गर्मी से राहत लेकर आई है, लेकिन उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए यह किसी आफत से कम नहीं है। इस समय खेतों में सरसों, गेहूं और मटर की फसलें तैयार खड़ी हैं। अगर बारिश के साथ ओलावृष्टि (Hailstorm) होती है, तो फसलों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। कृषि विभाग ने किसानों को अपनी कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखने और खेतों में पानी के निकास का उचित प्रबंध करने की सलाह दी है।
तापमान में आएगी भारी गिरावट
पिछले कुछ दिनों से लखनऊ में अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा था, जिससे लोगों को समय से पहले गर्मी का अहसास होने लगा था। मौसम विभाग का अनुमान है कि आज की इस बारिश के बाद रात के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट आ सकती है। इससे गुलाबी ठंड की वापसी होगी और आने वाले दो-तीन दिनों तक मौसम सुहावना बना रहेगा।
आने वाले 48 घंटों का पूर्वानुमान
सिर्फ आज ही नहीं, बल्कि मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटों तक उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रह सकता है। 19 और 20 फरवरी को भी प्रदेश के पश्चिमी और मध्य भागों में बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। पहाड़ी राज्यों जैसे उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में हो रही बर्फबारी का असर भी मैदानी इलाकों की हवाओं में ठंडक घोल रहा है।
सावधानी और सुझाव (Safety Tips):
- सुरक्षित रहें: बारिश और बिजली कड़कने के दौरान ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों या मोबाइल टावरों के नीचे खड़े न हों।
- ड्राइविंग में सावधानी: यदि आप सड़क पर हैं, तो हेडलाइट ऑन रखें और वाहन की गति कम रखें क्योंकि पहली बारिश में सड़कें काफी फिसलन भरी हो जाती हैं।
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए घरों में महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें।
- स्वास्थ्य का ध्यान: मौसम में आए इस अचानक बदलाव से सर्दी-खांसी और वायरल बुखार का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
निष्कर्ष:
लखनऊ में मौसम का यह बदला हुआ रूप प्रकृति की अनिश्चितता को दर्शाता है। जहाँ एक तरफ यह बारिश धूल और प्रदूषण से राहत दिलाएगी, वहीं दूसरी तरफ यह सामान्य जीवन की गति को थोड़ा धीमा भी कर सकती है। ताज़ा अपडेट्स के लिए मौसम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या हमारी वेबसाइट Soch Vimarsh से जुड़े रहें।





