Delhi Blast News: दिल्ली के लाल किले के पास पार्किंग में खड़ी हुंडई i20 कार में हुए जबरदस्त विस्फोट ने राजधानी को दहला दिया। इस धमाके में अब तक 10 लोगों की मौत और करीब 30 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना शाम करीब 6:48 बजे उस वक्त हुई जब कार पार्किंग से बाहर निकल रही थी; पुलिस ने मौके से भारी तबाही और फुटेज के आधार पर मामले की जाँच तेज़ कर दी है।
घटना के शुरुआती संकेतों में पुलवामा कनेक्शन सामने आया है। जांच में सामने आया कि जिन संदिग्धों से इस हमले को जोड़ा जा रहा है, उनका फरीदाबाद तथा पुलवामा से संबंध है। जो शख्स कार में बैठा हुआ दिखा, उसे पहचानने के लिए पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जारी किए और उसकी छवि वायरल हुई — सूत्रों के अनुसार संदिग्ध का नाम उमर (Dr. Umar Mohammed) बताया जा रहा है और उस पर शक जताया जा रहा है।
केंद्रीय गृह मंत्री और उच्च स्तर की सुरक्षा बैठकें लगातार जारी हैं। गृहमंत्री अमित शाह ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक लेकर हर एंगल से जांच करने के निर्देश दिए; प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और एजेंसियाँ पूरी तेज़ी से जांच कर रही हैं। गृह मंत्रालय ने उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा की बैठकों का नोट लिया और सभी सम्भावित सुरागों का तुरंत संकलन करने के निर्देश दिए गए।
जांच में इस्तेमाल हुई हुंडई i20 कार की रूट-मैपिंग और सीसीटीवी मैन्युअल मैचिंग से पता चला कि कार पार्किंग में दोपहर करीब 3:19 बजे दाख़िल हुई थी और शाम 6:48 बजे निकली—करीब 3 घंटे तक पार्किंग में खड़ी रही। पुलिस ने बताया कि वही कार धमाके के समय लाल किले के पास निकली और तभी विस्फोट हुआ। कार के मालिकों-बिक्री के रिम-ट्रेस से यह रूट फरीदाबाद और बदरपुर बॉर्डर तक जाती दिखाई देती है—कार के ओनर और ट्रांज़ैक्शन-रिलेशनशिप भी जांच के दायरे में हैं।
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जाँच एजेंसियों ने इस मामले में UAPA की धारा 16 और 18 समेत विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर दी है। दिल्ली पुलिस, स्पेशल सेल, NIA और फॉरेंसिक टीमें लगातार साइट पर और संबंधित लोकलिटी में रेड कर रही हैं; फरीदाबाद में हुई छापेमारी और बरामदगी के बाद कुछ संदिग्धों के फोन जब्त किए गए हैं और कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। अधिकारियों का दावा है कि फरीदाबाद-मॉड्यूल से कनेक्शन मिल रहा है और वहां भी व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं।
विस्फोट से हुए मानव-नुकसान की पहचान में पुलिस डीएनए-टेस्ट जैसे वैज्ञानिक तरीकों का सहारा ले रही है। घटनास्थल से मिले अवशेषों और कार के भीतर मिले साक्ष्यों के आधार पर मृतकों-घायलों की पहचान जारी है; कुछ मृतकों-घायलों की प्राथमिक पहचान स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार सामने आई है और बाकी की पुष्टि फॉरेंसिक तथा डीएनए के जरिए की जा रही है। घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम और National Security Group (NSG) के विशेषज्ञ भी शामिल हैं।
घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है; कई शहरों-राज्यों में हाई-अलर्ट रहकर संवेदनशील जगहों पर अतिरिक्त तैनाती की गई। विदेश भी घटना पर सतर्क हैं — यूनाइटेड किंग्डम ने अपने नागरिकों के लिए एडवायज़री जारी की और अमेरिका समेत अन्य मिशन-विभाग भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों ने कहा है कि फिलहाल हर संभावित एंगल को बंद नहीं माना जा रहा और जांच जारी है।
सरकारी-सूत्रों और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह हमला आतंकी साजिश की शक्ल लेता दिख रहा है और प्रारंभिक सुराग जैश ए मोहम्मद से जुड़े मॉड्यूल की तरफ संकेत कर रहे हैं; हालांकि आधिकारिक एजेंसियाँ इस कड़ी पर भी गहराई से छानबीन कर रही हैं और किसी भी निष्कर्ष से पहले फाइनल रिपोर्ट का इंतजार है। जांच के दौरान सामने आने वाले हर छोटे-बड़े सुराग का सत्यापन चल रहा है और जैसे ही ठोस जानकारी मिलेगी, उसे सार्वजनिक किया जाएगा।





