Delhi Car Blast Updates: लाल किले के पास कार ब्लास्ट मामले में दिल्ली पुलिस और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जॉइंट जाँच में एक बड़ा खुलासा हुआ है। जाँच एजेंसियों को घटनास्थल से 9mm कैलिबर के कारतूस मिले हैं, जिससे इस घटना के पीछे आतंकी कनेक्शन होने की आशंका बढ़ गई है। इस खुलासे के तुरंत बाद, NIA ने इस मामले को टेरर फंडिंग के एंगल से भी देखना शुरू कर दिया है, जिससे जाँच का दायरा अब राष्ट्रीय सीमाओं से बाहर भी फैल सकता है।
घटनास्थल से 9mm कैलिबर के कारतूस बरामद
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, जिस i20 कार में धमाका हुआ था, उसके मलबे के पास से 9mm के कुल तीन कारतूस बरामद किए गए हैं। इनमें दो जिंदा कारतूस थे और एक कारतूस का खाली खोखा मिला है। जानकारी के लिए बता दें कि 9mm कैलिबर की पिस्टल का उपयोग आम नागरिक नहीं कर सकते; यह कारतूस आमतौर पर सुरक्षा बलों या पुलिसकर्मियों द्वारा इस्तेमाल किए जाते हैं। सूत्रों के मुताबिक, सबसे बड़ी बात ये है कि मौके से पुलिस को कोई पिस्तौल या उसका कोई पार्ट नहीं मिला है। यानी गोली के कारतूस तो मिले, पर उन्हें चलाने वाला हथियार अभी तक बरामद नहीं हुआ है।
पुलिस के सूत्रों का ये भी कहना है कि उन्होंने मौके पर मौजूद अपने स्टाफ के कारतूस चेक करवाए तो उनके कोई कारतूस मिसिंग नहीं पाए गए। पुलिस अब ये पता करने कि कोशिश कर रही है कि आखिरकार ये कारतूस यहां कैसे आए और क्या ये ब्लास्ट के बाद i20 कार से गिरे थे। NIA ने टेरर फंडिंग और विदेशी स्लीपर सेल के शामिल होने के एंगल पर अपनी जाँच तेज़ कर दी है।
इलाके में कड़ी निगरानी और सुरक्षा का घेरा
ब्लास्ट की घटना के बाद दिल्ली पुलिस और सभी सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके में कड़ी निगरानी बढ़ा दी है। राजधानी के सभी मुख्य मार्गों, बाजारों और मेट्रो कॉरिडोर को सीसीटीवी कैमरों के जरिए रियल टाइम मॉनिटर किया जा रहा है। कंट्रोल रूम को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। यह धमाका इतना जोरदार था कि मेट्रो स्टेशन के एंट्री गेट पर लगे शीशे चकनाचूर हो गए। घटना के तुरंत बाद आसपास स्थित मेट्रो स्टेशनों पर भी एहतियातन कुछ समय के लिए एंट्री रोक दी गई थी। इस हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई थी और एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए थे। यह ताज़ा कारतूस का खुलासा इस मामले को एक नया और गंभीर मोड़ दे रहा है।





