देश के करोड़ों स्मार्टफोन यूज़र्स के लिए आज की सबसे बड़ी और डराने वाली खबर सामने आई है। भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In (इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम) ने एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल करने वाले नागरिकों के लिए एक ‘हाई-रिस्क’ चेतावनी जारी की है।
इस सुरक्षा अलर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि एंड्रॉइड के कई वर्जन्स में एक ऐसी गंभीर खामी पाई गई है जिसका फायदा उठाकर हैकर्स आपके फोन का पूरा कंट्रोल रिमोटली हासिल कर सकते हैं। यह हमला इतना खतरनाक है कि इसके जरिए आपकी निजी फोटो, मैसेज और सबसे महत्वपूर्ण आपके बैंकिंग ऐप्स तक हैकर्स की पहुंच हो सकती है।
क्यों निशाने पर है आपका बैंक खाता?
आजकल हम अपने लगभग सभी वित्तीय लेन-देन मोबाइल के जरिए ही करते हैं। चाहे वह यूपीआई पेमेंट हो या नेट बैंकिंग, हमारे फोन में हमारी पूरी आर्थिक कुंडली मौजूद होती है। हैकर्स इसी का फायदा उठाने के लिए नए-नए ‘मैलवेयर’ और ‘स्पाइवेयर’ तैयार कर रहे हैं जो आपकी मेहनत की कमाई को पल भर में उड़ा सकते हैं।
सरकार द्वारा जारी किए गए ताज़ा अलर्ट में बताया गया है कि यह वायरस मुख्य रूप से उन लोगों को निशाना बना रहा है जो एंड्रॉइड के पुराने सुरक्षा पैच का इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर आपने पिछले कुछ हफ्तों से अपना फोन अपडेट नहीं किया है, तो आप इस बड़े खतरे की जद में हो सकते हैं और हैकर आपके डिजिटल वॉलेट पर कब्ज़ा कर सकते हैं।
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हैकर्स का ‘साइलेंट’ हमला और आपका एसएमएस
हैकर्स इन वायरस को फैलाने के लिए अक्सर लुभावने विज्ञापनों या ‘फ्री रिचार्ज’ वाले व्हाट्सएप मैसेज का सहारा लेते हैं। जैसे ही आप किसी अनजान लिंक पर क्लिक करते हैं, फोन के बैकग्राउंड में एक छोटी सी फाइल डाउनलोड हो जाती है जो आपको दिखाई भी नहीं देती।
यह फाइल आपके फोन की सेटिंग्स को गुपचुप तरीके से बदल देती है और आपके एसएमएस पढ़ने की अनुमति हासिल कर लेती है। इससे हैकर्स को आपके बैंक से आने वाले ओटीपी (OTP) भी मिल जाते हैं, जिससे वे बिना आपकी अनुमति के ट्रांजेक्शन पूरा कर लेते हैं और आपको बैंक का मैसेज आने तक पता भी नहीं चलता।
तुरंत बदलें ये ‘Unknown Apps’ वाली सेटिंग
इस बड़े खतरे से बचने के लिए सरकारी एजेंसी ने तुरंत कुछ सेटिंग्स बदलने की सलाह दी है। सबसे पहले आप अपने फोन की Settings में जाएं और Security & Privacy विकल्प को चुनें। यहाँ आपको ‘Install Unknown Apps’ का एक ऑप्शन मिलेगा, जिसे चेक करना बेहद ज़रूरी है।
सुनिश्चित करें कि यह सेटिंग पूरी तरह से बंद (Off) है। अगर आपने किसी अनजान ब्राउज़र या फाइल मैनेजर को ऐप इंस्टॉल करने की अनुमति दे रखी है, तो उसे तुरंत हटा दें। याद रखें कि गूगल प्ले स्टोर के बाहर से डाउनलोड किया गया कोई भी ऐप एक ‘टाइम बम’ की तरह हो सकता है जो कभी भी आपका डेटा चोरी कर सकता है।
Google Play Protect को करें एक्टिवेट
इसके अलावा, हर एंड्रॉइड फोन में Google Play Protect नाम का एक इन-बिल्ट गार्ड होता है जो आपकी सुरक्षा करता है। प्ले स्टोर खोलकर अपनी प्रोफाइल पर क्लिक करें और प्ले प्रोटेक्ट सेटिंग में जाएं। यहाँ ‘Scan’ बटन पर क्लिक करके अपने फोन के सभी ऐप्स की एक बार जांच ज़रूरी है।
अगर गूगल को किसी भी ऐप में संदिग्ध कोडिंग मिलती है, तो वह उसे तुरंत अनइंस्टॉल करने की सलाह देगा। इसे हमेशा ‘ऑन’ रखें क्योंकि यह फीचर हर समय आपके फोन की निगरानी करता रहता है और किसी भी अनचाहे हमले को शुरू होने से पहले ही ब्लॉक करने की क्षमता रखता है।
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आपकी जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव
इंटरनेट और तकनीक ने हमारे जीवन को जितना आसान बनाया है, जोखिम भी उतने ही बढ़ गए हैं। सरकार और सुरक्षा एजेंसियां अपनी ओर से लगातार प्रयास कर रही हैं, लेकिन अंततः एक सजग यूजर ही साइबर अपराधियों को मात दे सकता है।
सोचविमर्श आपसे अपील करता है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और केवल आधिकारिक ऐप स्टोर का ही इस्तेमाल करें। यदि आप कभी भी ऐसी किसी ठगी का शिकार होते हैं, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या Cyber Crime Portal पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।





