भारत सरकार द्वारा पेश किया गया बजट 2026 केवल एक वित्तीय दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह आपके घर के बजट को बदलने वाली एक नई नीति है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बजट में कई ऐसे क्रांतिकारी बदलाव किए हैं, जो आज सुबह से ही देश भर में लागू हो गए हैं। यदि आप सुबह उठकर अपनी दिनचर्या शुरू कर रहे हैं, तो रुकिए! पहले यह जान लीजिए कि आपकी जेब से जुड़ा कौन सा नियम अब बदल चुका है।
अक्सर हम बजट को दूर की चीज समझते हैं, लेकिन इस बार के 5 नियम सीधे तौर पर आपके बैंक बैलेंस और खर्च करने की ताकत पर हमला करेंगे। चाहे आप एक छोटे दुकानदार हों, किसी मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी करते हों या घर संभालती महिला हों, ये बदलाव आप सभी के लिए जानना अनिवार्य है।
बजट 2026 का मुख्य उद्देश्य डिजिटल इकोनॉमी को बढ़ावा देना और टैक्स चोरी को रोकना है। इसी चक्कर में कई पुराने नियमों को दफन कर दिया गया है और उनकी जगह नए सख्त नियम लाए गए हैं। आइए, एक-एक करके उन बदलावों को समझते हैं जो आज से आपकी जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं।
नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 और आपकी सैलरी का नया गणित
आज से भारत में दशकों पुराना आयकर कानून इतिहास बन गया है। इसकी जगह ‘नया इनकम टैक्स एक्ट 2025’ प्रभावी हो गया है। सरकार का दावा है कि इस नए एक्ट के जरिए टैक्स फाइलिंग को इतना सरल बना दिया गया है कि अब आपको भारी-भरकम कागजी कार्रवाई की जरूरत नहीं होगी।
लेकिन इसके साथ ही एक कड़वा सच यह भी है कि अब पुराने टैक्स सिस्टम (Old Tax Regime) की विदाई का समय आ गया है। सरकार चाहती है कि हर नागरिक ‘न्यू टैक्स रिजीम’ को अपनाए, जहाँ कोई निवेश छूट तो नहीं मिलती, लेकिन टैक्स की दरें कम रखी गई हैं।
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की नजर में आपकी कमाई और खर्च
आज से लागू होने वाला दूसरा बड़ा पहलू है टैक्स विभाग की ‘डिजिटल आंख’। अब आपके बैंक खातों और क्रेडिट कार्ड के खर्चों को ट्रैक करने के लिए एआई (AI) का इस्तेमाल शुरू हो गया है। यदि आपकी कमाई कम है और आप विदेश यात्रा या महंगी गाड़ियां खरीद रहे हैं, तो सिस्टम खुद ही आपको नोटिस भेज देगा।
अब वह समय चला गया जब लोग अपनी आय छुपाकर टैक्स बचा लेते थे। नए नियमों के अनुसार, यदि आपके पैन कार्ड से जुड़े ट्रांजैक्शन में कोई विसंगति पाई जाती है, तो आपके पास स्पष्टीकरण देने के लिए बहुत कम समय होगा। यह पारदर्शिता बढ़ाने का सरकार का सबसे बड़ा कदम है।
शेयर बाजार में ट्रेडिंग करना अब होगा पहले से ज्यादा महंगा
यदि आप उन लोगों में से हैं जो रोजाना शेयर बाजार में किस्मत आजमाते हैं, तो आपके लिए आज की सुबह थोड़ी भारी है। बजट 2026 में फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) पर लगने वाले सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को काफी बढ़ा दिया गया है। इसका सीधा मतलब है कि अब आपके हर ट्रेड पर सरकार का हिस्सा ज्यादा होगा।
यह बदलाव उन छोटे रिटेल निवेशकों के लिए एक झटका है जो कम मार्जिन पर काम करते हैं। अब आपको अपना मुनाफा बचाने के लिए ज्यादा सटीक ट्रेडिंग करनी होगी, क्योंकि टैक्स का बोझ आपके शुद्ध लाभ को कम कर देगा। सरकार का कहना है कि यह कदम बाजार में सट्टेबाजी को कम करने के लिए उठाया गया है।
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म्यूचुअल फंड और लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट पर टैक्स का नया बोझ
शेयरों के अलावा म्यूचुअल फंड निवेश पर भी नियमों को कड़ा किया गया है। आज से लागू होने वाले नए नियमों के तहत, लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) की गणना के तरीके में बदलाव हुआ है। अब आपको अपनी पुरानी होल्डिंग्स को नए टैक्स ढांचे के हिसाब से देखना होगा।
बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि इससे निवेशकों की लंबी अवधि की रणनीति प्रभावित होगी। हालांकि, सरकार ने इक्विटी मार्केट में स्थिरता लाने की कोशिश की है, लेकिन निवेशकों के लिए अब टैक्स प्लानिंग करना एक जटिल काम बन गया है। बिना सोचे-समझे किया गया निवेश अब आपके रिटर्न को कम कर सकता है।
सस्ता हुआ इलाज: कैंसर की दवाओं पर मिली ऐतिहासिक राहत
बजट 2026 में एक राहत भरी खबर स्वास्थ्य क्षेत्र से आई है। सरकार ने मानवता दिखाते हुए कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 महत्वपूर्ण दवाओं पर लगने वाले सीमा शुल्क (Customs Duty) को शून्य कर दिया है। आज से ये दवाएं अस्पतालों और फार्मेसी पर काफी सस्ती मिलेंगी।
कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लाखों परिवारों के लिए यह किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है। अब तक इन विदेशी दवाओं को मंगवाने में लाखों रुपये खर्च होते थे, लेकिन ड्यूटी हटने से अब गरीब और मध्यम वर्ग के मरीज भी बेहतर इलाज करवा सकेंगे।
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महंगे हुए गैजेट्स: मोबाइल और लैपटॉप खरीदना पड़ेगा महंगा
एक तरफ जहां दवाएं सस्ती हुई हैं, वहीं दूसरी तरफ आपके पसंदीदा गैजेट्स आज से महंगे हो गए हैं। बजट में प्रीमियम मोबाइल फोन, हाई-एंड लैपटॉप और विदेशी कलपुर्जों पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ा दी गई है। यदि आप आज कोई नया आईफोन या गेमिंग लैपटॉप खरीदने की सोच रहे हैं, तो आपको बढ़ी हुई कीमतें चुकानी होंगी।
सरकार का उद्देश्य ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देना है ताकि कंपनियां भारत में ही इन चीजों का निर्माण करें। हालांकि, भविष्य में इससे नौकरियां बढ़ेंगी, लेकिन वर्तमान में यह आपके मनोरंजन और टेक बजट पर सीधा असर डालने वाला है। घरेलू ब्रांड्स के लिए यह एक अच्छा मौका है क्योंकि उनके दाम स्थिर रहेंगे।
प्रॉपर्टी और रेंटल इनकम पर इनकम टैक्स की नई सख्ती
यदि आप मकान मालिक हैं और किराए से कमाई करते हैं, तो आज से आपको बहुत सावधान रहने की जरूरत है। नए नियमों के अनुसार, अब रेंटल इनकम पर टीडीएस (TDS) काटने और उसे जमा करने के नियमों को और भी कड़ा कर दिया गया है। सरकार अब रेंट एग्रीमेंट्स को सीधे आपके पैन और आधार से लिंक कर रही है।
प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त में भी अब कैश का लेनदेन आपके लिए बड़ी मुसीबत बन सकता है। आज से रजिस्ट्री के समय दी जाने वाली जानकारी में पारदर्शिता न होने पर भारी जुर्माना लग सकता है। सरकार ने रियल एस्टेट सेक्टर में काले धन के इस्तेमाल को रोकने के लिए इस बार बजट में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
स्मॉल सेविंग स्कीम्स और बैंकों के नए सर्विस चार्ज
हमारी छोटी-छोटी बचतें जैसे पीपीएफ (PPF) और सुकन्या समृद्धि योजना के नियमों में भी कुछ बारीक बदलाव आज से लागू हो गए हैं। अब इन योजनाओं में जमा की जाने वाली राशि और उस पर मिलने वाले ब्याज के टैक्स कैलकुलेशन को नए इनकम टैक्स एक्ट के साथ जोड़ दिया गया है।
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इसके साथ ही, कई बैंकों ने आज से अपने सर्विस चार्ज भी अपडेट किए हैं। चेक बुक इश्यू करने से लेकर एटीएम ट्रांजैक्शन की लिमिट तक, कई बैंकों ने नए शुल्क लागू कर दिए हैं। अब आपको अपने बैंक के मैसेज और ई-मेल को ध्यान से पढ़ना चाहिए ताकि बिना वजह के चार्जेस से बचा जा सके।
यूपीआई और डिजिटल पेमेंट के लिए सुरक्षा के कड़े मानक
अंत में, बात करते हैं हमारी सबसे पसंदीदा पेमेंट मोड ‘यूपीआई’ की। आज से डिजिटल पेमेंट को और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार ने बैंकों को नए सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने का आदेश दिया है। अब बड़े ट्रांजैक्शन के लिए अतिरिक्त वेरिफिकेशन या ‘कूलिंग पीरियड’ जैसे नियम देखने को मिल सकते हैं।
हालांकि आम आदमी के लिए छोटे भुगतान वैसे ही रहेंगे, लेकिन कमर्शियल और बिजनेस ट्रांजैक्शन पर निगरानी बढ़ा दी गई है। इसका उद्देश्य ऑनलाइन फ्रॉड और फिशिंग के बढ़ते मामलों को रोकना है। अब आपको अपने डिजिटल वॉलेट और बैंकिंग एप्स को समय-समय पर अपडेट करना होगा ताकि आपकी मेहनत की कमाई सुरक्षित रहे।
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