आज 19 जनवरी 2026 से माघ मास की गुप्त नवरात्रि का आगाज़ हो चुका है। यह पर्व 27 जनवरी 2026 तक चलेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस साल की पहली गुप्त नवरात्रि सामान्य नहीं है। ग्रहों की विशेष चाल और नक्षत्रों के मेल से इस बार 3 ऐसे दुर्लभ संयोग बन रहे हैं, जो पिछले कई दशकों में नहीं देखे गए। इन 9 दिनों में शक्ति की गुप्त साधना जहाँ साधकों को सिद्धियाँ प्रदान करेगी, वहीं आम जनमानस के जीवन में भी बड़े बदलाव आने वाले हैं।
ग्रहों के इस महाखेल में कुछ राशियों के लिए सुनहरे दिन शुरू होने वाले हैं, तो कुछ को बहुत संभलकर रहने की ज़रूरत है। आइए विस्तार से जानते हैं उन 3 दुर्लभ संयोगों के बारे में और आपकी राशि पर होने वाले इसके प्रभाव के बारे में।
गुप्त नवरात्रि 2026 के 3 दुर्लभ संयोग
1. सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग का महामिलन:
इस बार गुप्त नवरात्रि के पहले ही दिन यानी आज 19 जनवरी को सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ अमृत सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। ज्योतिषियों के अनुसार, यह संयोग किसी भी नए कार्य की शुरुआत, निवेश और संपत्ति खरीदने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस योग में की गई माता की पूजा का फल कई गुना बढ़कर मिलता है।
2. बुधादित्य और गजकेसरी योग:
नवरात्रि के दौरान मकर राशि में सूर्य और बुध की युति से ‘बुधादित्य योग’ बन रहा है। साथ ही, चंद्रमा और बृहस्पति की स्थिति से ‘गजकेसरी योग’ का प्रभाव भी देखने को मिलेगा। यह दोनों योग मिलकर मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा और धन लाभ के प्रबल योग बनाते हैं। विशेषकर उन लोगों के लिए जो सरकारी नौकरी या राजनीति से जुड़े हैं।
3. शनि की स्वराशि स्थिति (शश महापुरुष योग):
साल 2026 में शनि देव अपनी मूल त्रिकोण राशि में विराजमान हैं, जिससे ‘शश महापुरुष योग’ का प्रभाव बना हुआ है। गुप्त नवरात्रि में शनि का यह प्रभाव कर्मों का फल देने वाला होगा। जो लोग ईमानदारी से मेहनत कर रहे हैं, उन्हें इस दौरान माता रानी की कृपा के साथ-साथ शनि देव का भी आशीर्वाद प्राप्त होगा।
इन 5 राशियों की खुलेगी किस्मत (Lucky Zodiac Signs)
मेष राशि (Aries):
मेष राशि के जातकों के लिए यह 9 दिन किसी वरदान से कम नहीं हैं। आर्थिक स्थिति में जबरदस्त सुधार होगा और अटका हुआ धन वापस मिल सकता है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन की खुशखबरी मिल सकती है।
सिंह राशि (Leo):
सिंह राशि वालों के लिए बुधादित्य योग बहुत लाभकारी रहेगा। समाज में आपका रूतबा बढ़ेगा। अगर आप नया व्यापार शुरू करना चाहते हैं, तो 19 से 27 जनवरी के बीच का समय सबसे उत्तम है। माता रानी की कृपा से आपकी योजनाएं सफल होंगी।
धनु राशि (Sagittarius):
धनु राशि के जातकों को गजकेसरी योग का सीधा लाभ मिलेगा। शिक्षा और प्रतियोगिता के क्षेत्र में सफलता मिलेगी। परिवार में चल रहा मनमुटाव दूर होगा और पैतृक संपत्ति से लाभ होने की संभावना है।
कुंभ राशि (Aquarius):
आपकी राशि में शनि की स्थिति आपको मानसिक मजबूती देगी। गुप्त नवरात्रि में की गई साधना आपको बड़ी उपलब्धियां दिला सकती है। विदेश यात्रा के योग भी बन रहे हैं।
वृषभ राशि (Taurus):
वृषभ राशि वालों के लिए सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। यदि आप वाहन या मकान खरीदने का सोच रहे थे, तो इन 9 दिनों में आपकी इच्छा पूरी हो सकती है। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी।
इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान (Caution Required)
मिथुन राशि (Gemini):
मिथुन राशि के जातकों को इस दौरान स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। गुप्त नवरात्रि में अत्यधिक भागदौड़ से थकान और मानसिक तनाव बढ़ सकता है। पैसों के लेन-देन में सावधानी बरतें।
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तुला राशि (Libra):
तुला राशि वालों के लिए खर्चों में अचानक वृद्धि हो सकती है। पारिवारिक विवादों के कारण मन अशांत रह सकता है। इस दौरान कोई भी बड़ा निवेश करने से बचें। वाणी पर संयम रखना ज़रूरी है।
मीन राशि (Pisces):
मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव है, इसलिए गुप्त नवरात्रि के दौरान गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें। कार्यों में अड़चनें आ सकती हैं। माता रानी को सफेद मिठाई का भोग लगाएं और ‘सिद्ध कुंजिका स्तोत्र’ का पाठ करें।
गुप्त नवरात्रि में भाग्य बदलने के उपाय
इन 9 दिनों में राशि के अनुसार सावधानी बरतने के साथ-साथ कुछ सामान्य नियमों का पालन करना भी ज़रूरी है। 19 से 27 जनवरी के बीच सात्विक जीवन जिएं। प्रतिदिन सुबह और शाम माता दुर्गा के सामने घी का दीपक जलाएं। यदि व्रत नहीं रख सकते, तो कम से कम दुर्गा चालीसा का पाठ करें। गुप्त नवरात्रि की पूजा जितनी गुप्त होगी, उसका फल उतना ही शक्तिशाली होगा।
निष्कर्ष: ग्रहों की चाल और माता की कृपा
2026 की यह पहली गुप्त नवरात्रि आध्यात्मिक और भौतिक उन्नति के लिए एक बड़ा द्वार खोल रही है। दुर्लभ संयोगों का यह समय गलतियों को सुधारने और नए संकल्प लेने का है। जिन राशियों के लिए समय कठिन है, उन्हें माता की भक्ति से संकटों को टालने का प्रयास करना चाहिए।





