बाजार समाचार: 1 जनवरी 2026, भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में ITC के निवेशकों के लिए एक काले दिन के रूप में याद किया जाएगा। नए साल के पहले कारोबारी सत्र में, FMCG दिग्गज और सिगरेट निर्माता ITC (इंडियन टोबैको कंपनी) के शेयर की कीमत में भूचाल आ गया। शेयर 8% से अधिक की भारी गिरावट के साथ ₹362.70 के अपने 52-सप्ताह के नए निचले स्तर पर पहुँच गया।
इस अप्रत्याशित गिरावट ने बाजार विश्लेषकों और खुदरा निवेशकों, दोनों को सकते में डाल दिया है। आखिर क्या वजह है कि एक स्थिर मानी जाने वाली ‘डिविडेंड किंग’ कंपनी का शेयर अचानक इतना टूट गया? इसके पीछे वित्त मंत्रालय का एक दूरगामी फैसला और बाजार की अस्थिरता है।
आइए, इस बड़े क्रैश की जड़ तक चलते हैं और समझते हैं कि इस सब का आपके निवेश पर क्या असर पड़ेगा।
भूकंप की जड़ – सरकार का नया टैक्स डंडा
गिरावट की सबसे तात्कालिक और प्रमुख वजह वित्त मंत्रालय द्वारा सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (Additional Excise Duty) लगाने की अधिसूचना है। यह फैसला 1 फरवरी 2026 से लागू हो जाएगा।
यह कदम सरकार के स्वास्थ्य एजेंडा का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य तंबाकू के सेवन को हतोत्साहित करना और राजस्व बढ़ाना है।
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टैक्स का जटिल गणित और बाजार का डर
बाजार हमेशा भविष्य देखता है। जैसे ही टैक्स बढ़ने की खबर आई, निवेशकों ने अनुमान लगाया कि सिगरेट की बिक्री (डिमांड) कम हो जाएगी।
- बढ़ी हुई लागत: सरकार ने सिगरेट की लंबाई (65 मिमी से 75 मिमी तक) के आधार पर ₹2,050 से ₹8,500 प्रति 1,000 सिगरेट स्टिक्स तक का नया शुल्क लगाया है।
- खुदरा मूल्य प्रभाव: ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि इस टैक्स के बाद सिगरेट की प्रति स्टिक कीमत में कम से कम ₹2 से ₹3 की वृद्धि होगी।
- डिमांड शॉक (Demand Shock): जब कीमतें इतनी तेज़ी से बढ़ती हैं, तो उपभोक्ता अक्सर अपनी खपत कम कर देते हैं या अवैध/तस्करी वाली सिगरेट की ओर मुड़ जाते हैं। इसी डिमांड शॉक के डर से निवेशकों ने ITC के शेयर बेचना शुरू कर दिया।
केवल ITC नहीं, Godfrey Phillips भी धराशायी
यह समस्या केवल ITC तक सीमित नहीं थी। इस सेक्टर में काम करने वाली दूसरी कंपनियां भी बुरी तरह प्रभावित हुईं:
| कंपनी का नाम | आज की गिरावट (अनुमानित) |
|---|---|
| ITC Ltd | 8% से अधिक |
| Godfrey Phillips India | 17% से अधिक |
| VST Industries | 5% से अधिक |
Godfrey Phillips India के शेयर में आई 17% की गिरावट पिछले पाँच महीनों में एक ही दिन में सबसे बड़ी गिरावट है। यह दर्शाता है कि पूरा तंबाकू सेक्टर एक गंभीर नियामक अनिश्चितता (Regulatory Uncertainty) का सामना कर रहा है।
क्या यह सिर्फ टैक्स का मामला है? अन्य कारक भी हैं जिम्मेदार
आज की भारी बिकवाली के पीछे सिर्फ नया टैक्स ही एकमात्र कारण नहीं था। पिछले कुछ महीनों से ITC के शेयर पर दबाव बना हुआ था:
कारक 1: BAT की हिस्सेदारी बेचने की चर्चा
ITC में सबसे बड़ी हिस्सेदारी (लगभग 29%) ब्रिटिश अमेरिकन टोबैको (BAT) के पास है। बाजार में लंबे समय से यह अफवाह चल रही थी कि BAT अपनी हिस्सेदारी कम कर सकता है। ऐसी खबरें किसी भी शेयर के लिए नकारात्मक संकेत होती हैं, क्योंकि यह एक बड़े संस्थागत निवेशक (Institutional Investor) के बाहर निकलने का संकेत देती हैं।
कारक 2: ब्लॉक डील का दबाव
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आज बाजार खुलने के तुरंत बाद, ITC के लगभग 4 करोड़ शेयरों की एक बड़ी ब्लॉक डील हुई। हालांकि खरीदार और विक्रेता की तत्काल पहचान नहीं हो पाई, लेकिन इतनी बड़ी मात्रा में शेयरों की ट्रेडिंग से बाजार में अचानक बिकवाली का दबाव (Selling Pressure) बढ़ गया, जिसने शेयर को नीचे धकेल दिया।
कारक 3: FMCG ग्रोथ में संभावित मंदी
ITC अपने FMCG और होटल बिजनेस में अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, लेकिन हाल ही में ग्रामीण मांग में नरमी की खबरों ने भी FMCG सेक्टर की कंपनियों पर दबाव बनाया था, जिसका असर ITC पर भी दिखा।
आपके निवेश पर असर – अब आगे क्या?
निवेशक के तौर पर, सबसे बड़ा सवाल यही है: क्या मुझे घबराकर शेयर बेच देना चाहिए, या यह खरीदारी का मौका है?
एक्सपर्ट्स की राय: Buy, Sell, या Hold?
बाजार विश्लेषकों की राय इस मामले में बंटी हुई है:
- बुलिश व्यू (Bullish View – खरीदने की राय): कई ब्रोकरेज फर्म्स अभी भी ITC को लेकर सकारात्मक हैं। उनका तर्क है कि ITC ने पिछले कुछ वर्षों में हमेशा टैक्स की बढ़ोतरी को ग्राहकों पर सफलतापूर्वक ट्रांसफर किया है, जिससे मार्जिन (Margin) पर ज्यादा असर नहीं पड़ता। वे इसे लंबी अवधि के लिए खरीदारी का मौका मान रहे हैं और ₹450-₹500 तक का टारगेट प्राइस दे रहे हैं।
- बेयरिश व्यू (Bearish View – बेचने या दूर रहने की राय): कुछ विश्लेषकों का मानना है कि बार-बार टैक्स बढ़ने से अंततः खपत पर असर पड़ेगा। इसके अलावा, FMCG ग्रोथ धीमी होने की संभावना भी एक जोखिम है।
लंबी अवधि बनाम छोटी अवधि का नजरिया
- शॉर्ट-टर्म निवेशक: अगर आप कम समय के लिए बाजार में हैं, तो अभी अस्थिरता (Volatility) बनी रहेगी। स्टॉप-लॉस (Stop-loss) का उपयोग करना समझदारी होगी।
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- लंबी-अवधि के निवेशक: ITC अपने मजबूत फंडामेंटल, विविध कारोबार (सिगरेट, आशीर्वाद आटा, बिंगो चिप्स, आईटीसी मौर्य होटल) और आकर्षक डिविडेंड यील्ड (Dividend Yield) के लिए जानी जाती है। लंबी अवधि के निवेशक हर गिरावट पर थोड़ा-थोड़ा निवेश (SIP) करने पर विचार कर सकते हैं।
क्या ITC की बादशाहत खत्म?
ITC की बादशाहत खत्म नहीं हुई है, लेकिन आज की गिरावट ने निवेशकों को एक बार फिर से नियामक जोखिमों (Regulatory Risks) की याद दिला दी है। सरकार के फैसले से अल्पकालिक रूप से कंपनी के मुनाफे पर असर पड़ सकता है, लेकिन ITC ने अतीत में भी ऐसी चुनौतियों का सामना किया है।
निवेश का फैसला पूरी तरह से आपके जोखिम लेने की क्षमता पर निर्भर करता है। टैक्स की खबर सच्ची है, गिरावट सच्ची है, लेकिन कंपनी के फंडामेंटल भी मजबूत हैं।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. ITC के शेयर आज कितने गिरे और कीमत क्या है?
आज (1 जनवरी 2026) को ITC का शेयर 8% से ज्यादा गिरकर ₹362.70 के 52-सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया।
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2. सिगरेट पर नया टैक्स कितना है?
सिगरेट की लंबाई के आधार पर ₹2,050 से ₹8,500 प्रति 1,000 सिगरेट स्टिक्स तक का अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगाया गया है।
3. क्या मुझे अपने ITC शेयर बेच देने चाहिए?
यह वित्तीय सलाह नहीं है। लंबी अवधि के निवेशक बने रह सकते हैं, जबकि शॉर्ट-टर्म निवेशकों को बाजार की अस्थिरता पर नजर रखनी चाहिए। अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।
4. Godfrey Phillips में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई?
ITC की तरह ही, Godfrey Phillips भी सिगरेट निर्माता है और नए टैक्स नियमों से सीधे तौर पर प्रभावित हुआ है, जिससे शेयर में 17% की गिरावट आई।





