अक्सर हम अपने घर के फर्नीचर, पर्दों और पेंट पर लाखों रुपये खर्च करते हैं ताकि घर में सुख-शांति बनी रहे। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपके घर का ‘कूड़ेदान’ (Dustbin) भी आपकी किस्मत बदल सकता है या बिगाड़ सकता है? वास्तु शास्त्र के अनुसार, कूड़ेदान घर की नकारात्मक ऊर्जा का सबसे बड़ा केंद्र होता है। यदि इसे गलत दिशा में रख दिया जाए, तो यह घर की सकारात्मक ऊर्जा को नष्ट कर देता है, जिससे आर्थिक तंगी, बीमारियाँ और मानसिक तनाव पैदा होता है।
आज के इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि घर की किस दिशा में कूड़ेदान रखना आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है और वह कौन सी सही दिशा है जहाँ इसे रखने से आपके जीवन में खुशहाली आ सकती है।
1. इन 3 दिशाओं में कूड़ेदान रखना है ‘ज़हर’ के समान
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की कुछ दिशाएं बहुत ही संवेदनशील और पवित्र होती हैं। यहाँ कूड़ेदान रखने का मतलब है अपने भाग्य को खुद ही ब्लॉक कर देना।
स्वच्छता और व्यवस्था का महत्व
वास्तु शास्त्र में घर की स्वच्छता और व्यवस्था को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। घर में नकारात्मक ऊर्जा को कम करने और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कूड़ेदान को सही स्थान पर रखना और उसे साफ रखना आवश्यक है।
वास्तु के अनुसार, कूड़ेदान को ऐसी जगह पर रखना चाहिए जो घर के मुख्य प्रवाह से दूर हो और जहाँ यह आसानी से छिपाया जा सके।
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- दक्षिण-पश्चिम का दक्षिण हिस्सा: कुछ वास्तु विशेषज्ञ इस क्षेत्र को विसर्जन और निपटान के लिए उपयुक्त मानते हैं। यहाँ कूड़ेदान रखने से घर की अवांछित चीजों और विचारों से मुक्ति मिल सकती है।
- पश्चिम-उत्तर-पश्चिम: यह क्षेत्र भी कूड़ेदान रखने के लिए एक संभावित स्थान हो सकता है, जो मन की अनावश्यक बातों और तनाव को दूर करने में सहायक हो सकता है।
2. कूड़ेदान से जुड़े स्वच्छता और व्यवस्था के नियम
कूड़ेदान के स्थान के अलावा, इसके रखरखाव से जुड़े कुछ नियम भी महत्वपूर्ण हैं:
- ढक्कन वाले कूड़ेदान का उपयोग करें: कूड़ेदान को हमेशा ढक्कन से ढक कर रखना चाहिए ताकि गंदगी और बदबू बाहर न फैले, जिससे घर में नकारात्मक ऊर्जा कम होती है।
- रंग का चुनाव: हल्के रंग के कूड़ेदान को प्राथमिकता दी जा सकती है। गहरे नीले या काले रंग के कूड़ेदान से बचने की सलाह दी जाती है।
- मुख्य द्वार से दूर रखें: कूड़ेदान को घर के मुख्य द्वार या किसी भी कमरे के दरवाजे के ठीक सामने नहीं रखना चाहिए।
- नियमित सफाई: कूड़ेदान को नियमित रूप से खाली करें और उसे साफ रखें। ऊपर तक भरे हुए और गंदे कूड़ेदान से नकारात्मक ऊर्जा फैलती है।
- पूजा घर और रसोई: पूजा घर के पास या मंदिर से सटाकर कूड़ेदान नहीं रखना चाहिए। रसोई में कूड़ेदान को आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व) में रखा जा सकता है, बशर्ते उसे नियमित रूप से साफ किया जाए।
निष्कर्ष
वास्तु शास्त्र घर में ऊर्जा के प्रवाह को संतुलित करने का एक प्राचीन विज्ञान है। कूड़ेदान जैसी छोटी वस्तु का सही स्थान और रखरखाव घर की सकारात्मकता और खुशहाली में योगदान कर सकता है। घर की स्वच्छता और व्यवस्था बनाए रखना मानसिक शांति और समृद्धि के लिए आवश्यक है।
डिस्क्लेमर : यह लेख सामान्य वास्तु सिद्धांतों पर आधारित है। व्यक्तिगत सलाह के लिए किसी वास्तु विशेषज्ञ से संपर्क करें।





