आजकल महिलाओं में बाल झड़ने की समस्या बहुत तेजी से बढ़ी है और इसका सबसे बड़ा कारण बदलती लाइफस्टाइल, गलत खानपान और हेयर केयर में की जाने वाली छोटी-छोटी गलतियां हैं। कई लड़कियों को लगता है कि शैंपू बदलने से बाल झड़ने लगे, जबकि असली वजह शरीर के अंदर चल रहे बदलाव, हार्मोन संबंधी समस्या या तनाव भी हो सकते हैं। इसलिए बाल झड़ने के पीछे की सच्ची वजह समझना बहुत ज़रूरी है ताकि सही समय पर सही समाधान अपनाया जा सके।
1. हार्मोनल बदलाव से बाल कमज़ोर पड़ने लगते हैं
महिलाओं में हार्मोन में होने वाला उतार-चढ़ाव बालों की जड़ों को सबसे ज़्यादा प्रभावित करता है। थायरॉइड की गड़बड़ी, पीसीओएस, पीरियड्स में अनियमितता, प्रेगनेंसी या डिलीवरी के बाद होने वाले हार्मोनल बदलाव बालों के झड़ने की प्रमुख वजह बन जाते हैं। जब हार्मोन संतुलित नहीं रहते तो बाल पतले होने लगते हैं और टूटना बढ़ जाता है। कई बार शरीर बाहर से ठीक दिखाई देता है लेकिन अंदर हार्मोन गड़बड़ होते रहते हैं और इसका असर सीधे हेयर क्वालिटी पर दिखता है।
2. तनाव और मानसिक दबाव भी तेजी से बाल झाड़ते हैं
बहुत सी महिलाएं यह बात नहीं समझ पातीं कि लगातार तनाव लेना भी शरीर के प्राकृतिक चक्र को बिगाड़ देता है। जब दिमाग पर दबाव बढ़ता है तो शरीर “स्ट्रेस हॉरमोन” रिलीज करता है, जिससे बालों की ग्रोथ धीमी हो जाती है। कई बार अचानक तनाव बढ़ने पर एकदम से बाल झड़ना शुरू हो जाता है और हफ्तों तक यह सिलसिला जारी रहता है। अगर नींद कम होती है या दिमाग बहुत थका हुआ रहता है, तो यह समस्या और तेजी से बढ़ती है।
5. पोषण की कमी—खासकर आयरन और प्रोटीन की कमी सबसे बड़ी वजह
बाल स्वस्थ तभी रह सकते हैं जब शरीर को सही पोषण मिले। आयरन, प्रोटीन, विटामिन D, विटामिन B12 और ओमेगा-3 की कमी बालों की जड़ों को अंदर से कमजोर कर देती है। कई महिलाएं जल्दी वजन घटाने के लिए डाइटिंग करती हैं और शरीर को पूरा पोषण नहीं मिलता। ऐसे में बाल पतले होते जाते हैं और धीरे-धीरे टूटकर कम होने लगते हैं। एनिमिया यानी खून की कमी भी बालों के झड़ने का प्रमुख कारण है और यह महिलाओं में काफी आम है।
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4. ज़्यादा केमिकल वाले हेयर ट्रीटमेंट से बाल खराब होते हैं
आजकल कई लड़कियां हेयर स्ट्रेटनिंग, स्मूदनिंग, कलर या हाइलाइट्स करवाती हैं। इन सभी प्रक्रियाओं में इस्तेमाल होने वाले कड़े केमिकल बालों की जड़ों को कमजोर कर देते हैं। ये ट्रीटमेंट शुरू में तो बालों को सुंदर और चमकदार दिखाते हैं, लेकिन धीरे-धीरे बाल पतले होकर टूटने लगते हैं। कई बार हेयर आयरनिंग और बार-बार गर्मी देने से भी हेयर रूट बर्न हो जाता है, जिसका असर कुछ महीनों बाद दिखाई देता है।
5. बहुत ज्यादा हेयरस्टाइलिंग और हीट से जड़ें कमजोर होती हैं
हेयर ड्रायर, स्ट्रेटनर और कर्लर का बार-बार इस्तेमाल करने से बालों के प्राकृतिक तेल खत्म हो जाते हैं। जब बाल ड्राई और फ्रिज़ी होने लगते हैं, तो उनकी स्ट्रेंथ कम हो जाती है और हल्का सा खिंचाव भी जड़ से बाल उखाड़ देता है। कई महिलाएं गीले बालों में कंघी करती हैं, जो सबसे बड़ा नुकसान पहुंचाती है क्योंकि उस समय बाल सबसे कमजोर होते हैं।
6. गलत शैंपू और हार्श केमिकल वाली प्रोडक्ट से भी नुकसान बढ़ता है
सुल्फेट, पैराबेन और अल्कोहल वाले शैंपू लंबे समय में बालों पर ऐसा असर छोड़ते हैं कि जड़ें सूख जाती हैं और स्कैल्प पर जलन होती है। कई बार बाजार में मिलने वाले स्ट्रॉन्ग शैंपू शुरू में अच्छे लगते हैं लेकिन कुछ हफ्तों में हेयरफॉल कई गुना बढ़ा देते हैं। अगर स्कैल्प बहुत ज्यादा ऑयली या बहुत ज्यादा ड्राई हो जाए तो बालों का झड़ना बढ़ जाता है।
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7. खराब लाइफस्टाइल और नींद की कमी भी बड़ी वजह है
अगर नींद पूरी न हो, पानी कम पिया जाए, जंक फूड ज्यादा खाया जाए या दिनभर शरीर में थकान बनी रहे, तो यह सारे कारण बालों की ग्रोथ पर सीधा असर डालते हैं। आजकल की भाग-दौड़ भरी दिनचर्या में महिलाओं के पास खुद का ध्यान रखने का समय कम हो गया है और इसका असर सबसे पहले बालों पर दिखाई देता है।
समाधान — बाल झड़ना कैसे रोके?
• पोषक भोजन शामिल करें — आहार में हरी सब्जियां, दालें, अंडे, दही, बादाम, अलसी, ग्लूकोज, चना और आयरन युक्त फूड्स शामिल करें ताकि जड़ों को मजबूत पोषण मिले।
• हल्का, सॉफ्ट शैंपू इस्तेमाल करें — सप्ताह में 2–3 बार ही बाल धोएं। बहुत स्ट्रॉन्ग प्रोडक्ट से बचें।
• केमिकल ट्रीटमेंट कम करें — स्ट्रेटनिंग/कलर कम करवाएं और बालों को नेचुरल रहने दें।
• तनाव कम करने की कोशिश करें — योग, ध्यान, वॉक और सही नींद आपकी हेयर हेल्थ को वापस पटरी पर ला देती है।
• जरुरत पड़े तो डॉक्टर से मिलें — अगर हेयरफॉल बहुत ज्यादा हो रहा है तो ब्लड टेस्ट (आयरन, थायरॉइड, B12) जरूर करवाएं।





