अमेरिकी चुनाव को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में हुए राष्ट्रपति और मध्यावधि चुनावों के दौरान 50 लाख से अधिक मतदाताओं का वोटिंग डेटा रिकॉर्ड से अचानक गायब होने की खबर सामने आई है। इस चौंकाने वाले खुलासे के बाद, देश की प्रमुख जाँच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने इस मामले में सीधे तौर पर हस्तक्षेप करते हुए साइबर अटैक के एंगल से जाँच शुरू कर दी है। राजनीतिक गलियारों में इस घटना को एक बड़ा उलटफेर माना जा रहा है, जिसने अमेरिकी लोकतांत्रिक प्रक्रिया की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
डेटा गायब होने की चौंकाने वाली टाइमिंग और विदेशी हस्तक्षेप की आशंका
यह चौंकाने वाली घटना ऐसे समय में सामने आई है जब कई राज्यों में वोटों की गिनती और आधिकारिक सत्यापन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। रिपोर्ट के अनुसार, एरिजोना, जॉर्जिया और पेन्सिलवेनिया सहित छह प्रमुख स्विंग स्टेट्स के वोटिंग सिस्टम से ये डेटा अचानक हटा दिया गया। । शुरुआती जाँच में पाया गया है कि डेटा में किसी भी मानवीय त्रुटि की संभावना कम है। FBI का मानना है कि यह डेटा गायब नहीं हुआ, बल्कि इसे सुनियोजित तरीके से बाहरी नेटवर्क द्वारा हटाया या हैक किया गया है।
FBI ने अपनी जाँच में सीधे तौर पर विदेशी हस्तक्षेप की आशंका जताई है। यह जाँच अब इस बात पर केंद्रित है कि किस देश या समूह ने इस साइबर ऑपरेशन को अंजाम दिया, और क्या यह डेटा किसी राजनीतिक दल को फायदा पहुँचाने के इरादे से गायब किया गया। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, व्हाइट हाउस ने भी एक आपातकालीन बैठक बुलाई है। डेटा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि यह डेटा स्थायी रूप से रिकवर नहीं हो पाया, तो यह उन राज्यों में चुनाव के नतीजों की वैधता पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर देगा, जिससे कानूनी लड़ाई और राजनीतिक अस्थिरता बढ़ सकती है।
कांग्रेस में गरमाया मुद्दा और लोकतंत्र पर संकट
इस घटना ने अमेरिकी कांग्रेस में हंगामा मचा दिया है। विपक्षी सांसदों ने चुनाव प्रणाली की सुरक्षा को लेकर सरकार पर हमला बोला है और तुरंत एक स्वतंत्र जाँच आयोग गठित करने की मांग की है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना केवल डेटा चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दुनिया की सबसे पुरानी डेमोक्रेसी में मतदाताओं के विश्वास को गंभीर रूप से हिला सकती है।
यह बड़ा साइबर सुरक्षा उल्लंघन दुनिया भर के लोकतांत्रिक देशों को भी अलर्ट कर दिया है कि उन्हें अपनी चुनावी प्रणालियों को बाहरी हमलों से बचाने के लिए तुरंत कदम उठाने होंगे। इस बीच, उन छह स्विंग स्टेट्स में मतगणना को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है जब तक कि FBI अपनी प्राथमिक जाँच रिपोर्ट जारी नहीं कर देती।
डिस्क्लेमर: इस लेख में उपयोग की गई सभी तस्वीरें AI द्वारा बनाई गई हैं।





