हर कोई पूछता है कि मारिया ब्रान्यास मोरेरा 117 साल तक कैसे जी गईं? दुनिया की सबसे बुजुर्ग जीवित व्यक्ति का खिताब हासिल करने वाली स्पेन की इस महिला ने जब हाल ही में दुनिया को अलविदा कहा, तो वैज्ञानिकों और डॉक्टरों ने उनकी असाधारण लंबी उम्र के पीछे के रहस्यों को गहराई से टटोलना शुरू कर दिया। अब, एक प्रमुख गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट (पाचन विशेषज्ञ) डॉ. जोसेफ सलहाब (Dr. Joseph Salhab) ने एक ऐसा खाद्य पदार्थ उजागर किया है जो उनकी दैनिक दिनचर्या का एक अनिवार्य हिस्सा था—और वह है दही (Yoghurt)।
लंबी उम्र की सादगी: मारिया की जीवनशैली का सार
मारिया की लंबी उम्र का रहस्य किसी एक जादुई गोली में नहीं, बल्कि उनकी सादगी भरी और अनुशासन वाली जीवनशैली में छिपा था। डॉ. सलहाब ने पुष्टि की है कि मारिया कभी धूम्रपान या शराब का सेवन नहीं करती थीं, वह नियमित रूप से हल्का व्यायाम करती थीं, और उनकी ज़िंदगी तनाव-मुक्त थी। उन्होंने हमेशा सकारात्मकता और प्रकृति के करीब रहने पर ज़ोर दिया। हालाँकि, इन सामान्य नियमों के बीच, उनकी डाइट में एक बात सबसे अलग थी: वह दिन में तीन बार दही का सेवन करती थीं।
वैज्ञानिक क्यों कहते हैं कि दही है ‘सुपरफूड’
डॉ. जोसेफ सलहाब ने स्पष्ट किया कि दही अपने आप में कोई चमत्कार नहीं है, लेकिन यह लंबी और स्वस्थ ज़िंदगी के लिए सबसे सुरक्षात्मक खाद्य पदार्थों में से एक हो सकता है। दही प्रोबायोटिक्स यानी ‘अच्छे बैक्टीरिया’ से भरपूर होता है, जो आँतों के स्वास्थ्य (Gut Health) को सीधे प्रभावित करता है। वैज्ञानिक शोधों ने मारिया के आँतों के माइक्रोबायोम का विश्लेषण किया और पाया कि उनके आंत के बैक्टीरिया का स्वास्थ्य किसी युवा व्यक्ति जैसा था। आँतों का स्वस्थ होना शरीर की इम्युनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) को मजबूत करता है और क्रॉनिक रोगों के जोखिम को कम करता है।
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दही से आँतों का स्वास्थ्य और कैंसर से बचाव
दही सिर्फ़ पाचन में मदद नहीं करता; यह आँतों को अंदर से मजबूत बनाता है। पाचन विशेषज्ञ बताते हैं कि दही का नियमित सेवन कोलन कैंसर और संबंधित समस्याओं के जोखिम को कम करने में सहायक है। एक मजबूत और संतुलित गट माइक्रोबायोम न केवल पाचन और पोषक तत्वों के अवशोषण में सुधार करता है, बल्कि यह सूजन (Inflammation) को भी नियंत्रित करता है, जो कई उम्र से जुड़ी बीमारियों का मूल कारण है। यही कारण है कि मारिया जैसी सुपरसेंटेनेरियन महिला के आहार में दही को इतना महत्वपूर्ण स्थान मिला।





